एक शाम आनंद बक्षी के नाम” – गीतों की आत्मा को समर्पित एक ऐतिहासिक संध्या

 प्रेस विज्ञप्ति

“एक शाम आनंद बक्षी के नाम” – गीतों की आत्मा को समर्पित एक ऐतिहासिक संध्या


नई दिल्ली।

प्रसिद्ध प्रकाशन संस्था एडविक पब्लिकेशन एवं कियां फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विख्यात गीतकार आनंद बक्षी जी की 95वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य संगीत संध्या एवं पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। यह यादगार शाम आनंद बक्षी जी के अद्वितीय योगदान को समर्पित थी, जिनके लिखे करीब 4000 गीत आज भी लोगों की जुबान पर बसे हुए हैं और हर एक सुपरहिट रहा है।


इस खास मौके पर आनंद बक्षी जी पर आधारित, लेखिका संगीता जी द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए जाने-माने साहित्यकारों, संगीत प्रेमियों, और संस्कृति से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने इस शाम को और भी विशेष बना दिया।


कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि आनंद बक्षी जी के सुपुत्र श्री राकेश बक्षी ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों और संस्मरणों को साझा कर सभी की आंखों को नम और दिलों को भावविभोर कर दिया। उनकी सहजता, वाकपटुता और पिता के प्रति श्रद्धा ने संपूर्ण वातावरण को आत्मीयता से भर दिया।


इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक, कार्टूनिस्ट एवं फिल्म निर्देशक डॉ. हरविंदर मांकड़ को उनकी बहुआयामी रचनात्मक सेवाओं के लिए विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। उनकी सृजनशीलता और समाजसेवा के प्रति समर्पण ने समारोह को एक नई ऊंचाई दी।


एडविक प्रकाशन के संस्थापक श्री अशोक गुप्ता जी का यह प्रयास निश्चय ही आने वाले वर्षों तक साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में याद किया जाता रहेगा।


यह शाम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक युग पुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि और भावनाओं से ओत-प्रोत एक ऐतिहासिक पल था 


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