विश्व कार्टूनिस्ट दिवस और डॉ. हरविंदर मांकड़ का समाज में योगदान

 विश्व कार्टूनिस्ट दिवस और डॉ. हरविंदर मांकड़ का समाज में योगदान

एक विशेष लेख


5 मई को विश्व कार्टूनिस्ट दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन कलाकारों को सम्मान देने का दिन है जो अपनी कलाकारी और सोच से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं, और साथ ही समाज को एक नया नजरिया भी देते हैं।


डॉ. हरविंदर मांकड़ ऐसे ही एक बेहतरीन कार्टूनिस्ट हैं, जिन्होंने अपने जीवन को सिर्फ कला तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे समाज सेवा और शिक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने बच्चों के प्यारे कार्टून ‘मोटू-पतलू’ बनाए, जो केवल हँसाते ही नहीं, बल्कि दोस्ती, साहस और समझदारी की सीख भी देते हैं।




रेखाओं से सेवा और संदेश


डॉ. मांकड़ ने 22,000 से भी ज्यादा किताबों में चित्र बनाए हैं और हज़ारों टीवी कहानियाँ लिखी हैं। उनके कार्टून आम जीवन से जुड़े होते हैं — जैसे समाज की बुराइयाँ, बच्चों की समस्याएँ या देश से जुड़ी बातें। वे हर रेखा के ज़रिए कोई न कोई संदेश जरूर देते हैं।







कला के साथ समाज सेवा


डॉ. मांकड़ केवल कलाकार नहीं हैं, बल्कि समाजसेवी भी हैं। उन्होंने Celebrity Club of India की स्थापना की है, जिसमें हज़ारों कलाकार समाज की भलाई के लिए साथ मिलकर काम करते हैं। वे मानते हैं कि कलाकार की सबसे बड़ी ताकत उसकी सोच और उसका दिल होता है।


एक सच्ची प्रेरणा


विश्व कार्टूनिस्ट दिवस के दिन डॉ. हरविंदर मांकड़ जैसे कलाकारों को याद करना जरूरी है, जिन्होंने कला को हँसी, शिक्षा और सेवा का ज़रिया बनाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि एक कार्टूनिस्ट सिर्फ चित्र नहीं बनाता — वह समाज को दिशा भी देता है।

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